21वीं शताब्दी में आध्यात्मिक पर्यटन: मूल्यवान घटक और नवीन दृष्टिकोण
Author(s) -
आशीष कुमार,
अजय भारद्वाज
Publication year - 2017
Publication title -
dev sanskriti interdisciplinary international journal
Language(s) - Hindi
Resource type - Journals
eISSN - 2582-4589
pISSN - 2279-0578
DOI - 10.36018/dsiij.v9i.123
Subject(s) - philosophy
पर्यटन के क्षेत्र में आध्यात्मिक पर्यटन विषय पर निरंतर शोध कार्य हो रहा है। इक्कीसवीं सदी में पर्यटन उद्योग तेजी से फैल रहा है जिसमें आध्यात्मिक पर्यटन ने एक नया आयाम जोड़ा है, जिसे ‘‘स्पिरिटुअल टूरिज्म’’ कहा जाता है। आध्यात्मिक पर्यटन के परिणाम स्वरूप इस विषय में जागरूकता और शोध में वृद्धि हुई है। आध्यात्मिक पर्यटन में शारीरिक स्वास्थ्य-सम्वर्धन और मानसिक मनोरंजन के साथ-साथ ज्ञान सम्पादन जैसे अनेकों लाभ जुड़े हुए है। आध्यात्मिक पर्यटन के स्थायित्व हेतु मूल्यवान पारम्परिक घटक जैसे आध्यात्मिक वातावरण आध्यात्मिक जीवन पद्धति, आध्यात्मिक क्रियाकलाप को शोध का मूल माना गया है। यह कार्य पर्यटन अनुसंधान में भविष्य के शोध कार्य की संभावनाओं प्रदर्शित करता है एवं आध्यात्मिक पर्यटन के स्थायित्व एवं नवीन दृष्टिकोण पर जोर देता है।
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